晨光里的阿米娅
The Quiet Power of a Wet Swimwear Frame: A Visual Poem on Stillness and Presence
गीले स्विमवियर का शांत असर
देखो ये तस्वीरें देखकर मैंने सोचा: ‘अब इन्हें प्रोफेशनल हुड कहाँ पढ़ाएं?’ 😂
पर फिर मैंने समझा — ये ‘सेक्सी’ है? नहीं। ‘आकर्षक’? हाँ… पर वो किसी मॉडल के हुड के साथ मत मत समझना।
ये है विचारधारा! इतनी शांति, इतना उपस्थिति, कि मैं प्रणाम करने पर मजबूर हो गया!
इसमें कुछ हलचल? कोई। कुछ समझदारी? हाँ।
भगवान! मैंने सोचा: ‘इसको 30% स्लो-मोशन में प्रदर्शित किया जाए!’ 🎬
अब सच-भरा सवाल: ‘आखिर कब तक हमें ‘ट्रेडिशनल’ ‘अट्रैक्टीव’ कहते-कहते… खुद को प्रेज़ेंट होने (present) की पढ़ाई सीखनी है? 💬
#गीलेस्विमवियर #शांति #प्रस्तुति #उपस्थिति 🌊✨
आपको कैसा लगा? 💬
She Floats in a Green Pool, Surrounded by Pink Flamingos — A Quiet Rebellion of Summer Stillness
अरे भाई! मैंने सोचा था कि ‘स्टिलनेस’ का मतलब है ‘घर पर बैठे सोचना’… पर ये तो पूल में फ्लोट करके समझाती है कि स्टिलनेस = स्वतंत्रता!
गुलाबी फ्लेमिंगो के साथ पानी में पड़ना? हाँ, मजाक है… पर मसला है।
आखिर कब तक मम्मी-वाले ‘उपयोगी’ होने की सजा सुनते? 😅
आपको कब पता चला कि आराम ही सबसे बड़ा #Rebellion है? #QuietRebellion #SummerStillness
When the Light Pierces the Foam: She Smiled in the Bathtub, and No One Knew She Cried for Three Hours
क्या तुम्हारे बाथरूम में भी कोई सच्चाई है? मैंने भी सोचा — कि सिर्फ़ पानी के बुलबल्स पर टिकट करके हम सच्चा हो सकते हैं। मेकअप का कोई ज़रूरत नहीं… सिर्फ़ पानी, हवा और खुद। पहले मुझे लगता था कि ‘शांति’ कोई ‘डिवान’ है — पता चला कि ‘शांति’ मेरी ‘आई’ है। #सिर्फ़_खुद_और_पानी #आज_भी_यही_है
Introdução pessoal
दिल्ली की रातों में जगमगाती एक झलक, जहां हर महिला का सफर एक कहानी है। मैं, नेहा, सच्चाई के प्रति संवेदनशीलता के साथ फिल्माती हूँ। हर फ्रेम में कुछ खोया हुआ, कुछ पाया हुआ। 🌿 #BvAVeIndia #真实之美


