माँ की सुबह का प्रकाश

माँ की सुबह का प्रकाश

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बिना जूत, काम करो शी हो गया?

A Quiet Morning in Kyoto: When the Light Kissed My Lips and Time Stood Still

अरे भाई! ये कियोटो में माँ बिना जूत के साथ पैदल पर बैठी है… हाथ में पेस्ट्री का टुकड़ा है, पर काम करोशी हुआ? 😅 कमल से लगता है मंदिर के सीढ़ियाँ पर स्वच्छ महिला… पर उसकी ‘लैटिस’ से सनलाइट परफेक्ट हुआ! 🤫 जब तक़दीम में ‘लाइक’ कमल्कन-एडिशन… हमेशह ! क्या आपने कभी ‘ब्रेथ’ से ‘हार्टबीट’ सुना? 👇👇👇

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2025-11-06 08:22:26

Persönliche Vorstellung

"मैं दिल्ली की एक माँ हूँ, जिसने अपने बच्चे को खो दिया... पर मैंने सीखा कि सच्ची सुंदरता, सड़ी हुई नज़रों में होती है। मैं हर रोज़ के सुबह, गलियान, पानी के धुएँ, मस्जिद के पत्थरों पर, सफेद साड़ियों के झलमलमात... में हर पलकट, हर छवट प्रकट होता है। मैंने कभी फिल्टर नहीं मारा —— सच्चाई, मुझको प्रकट करती है।"